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या तो जीत मिलेगी या सीख मिलेगी Ya to Jeet Milegi ya Sikh milegi

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27 अक्टूबर 2022 को लिखी गई कविता जिसमें जिंदगी का असली एहसास लिखा है मेहनत करते रहो लगे रहो लगातार या तो जीत मिलेगी या सीख मिलेगी हर इंसान राजनीति से जुड़ा है, हम इससे अछूते नहीं रह सकते परंतु राजनीति में इतना ज्यादा भी नहीं घुसना चाहिए कि हम अपने उसूल ही छोड़ दें  हमने भी गांव में अच्छी राजनीति की शुरुआत की थी जबकि बहुत से ओछी राजनीति कर गए, कुछ लोग पूरा विश्वास और समर्थन और कसमे देकर विश्वासघात कर गए परंतु फिर भी हमें कोई गम और दुख नहीं है क्योंकि  फिर अपनी जिंदगी उसी तरह से पटरी पर आ जाएगी और  पहले से बेहतर अच्छी जिंदगी की शुरुआत करेंगे जो सब लोगों के लिए खुशहाली लेकर आए ईमानदारी लग्न से मेहनत करते रहो लगे रहो लगातार या तो जीत मिलेगी या सीख मिलेगी घूमे हैं गांव की हर गली में, हर घर तक मिला सम्मान और हौसला हर दर तक पता था हर घर में यह चीज मिलेगी  या तो जीत मिलेगी या सीख मिलेगी जो सोचा था नहीं मिला किसी को भी नहीं मिलता  नहीं पता होता, कौन सी चीज अपने नसीब मिलेगी या तो जीत मिलेगी या सीख मिलेगी पूरी उम्र गुजर जाती है किसी को नौकरी पाने में हमने छोड़ दी थी वह आरा...