खुद की लगा कै बोली साहूकार बिक गए Sahukar bik ge bolidar bik ge
आज का सच
खुद की लगा कै बोली साहूकार बिक गए
कोई इसे अपने उपर न ले, न ही वोट से जोड़े, बस कवि मन से निकली कुछ कड़वी पंक्तियां हैं
अजब हो गया गजब हो गया ऐसा यू कलयुग हो गया
बोली जो लगाया कर दे, आज वो बोलिदार बिक गे
खरीद ते थे जो खेप की खेप पैसे वाले थे
आज वो कहलाने वाले साहूकार बिक गे
ठेके लिया करदे बडे बड़े, दूसरों के भी
आज वो ठेके तसली आले खुद ठेकेदार बिक गे
मर गया वो मटके के पानी बिन, प्यास से
घड़े बनाने पकाने वाले कुम्भकार बिक गे
रामू कवि किसान तू जुड़ा रह गया जमीं से
जब यहां बडे बडे मशूर कलाकार बिक गे
दिहाड़ी कर पेट पालते, महीने भर के राशन के लिए
पसीना बहाते मजबूरी में, मजदुर के दीन ईमान बिक गे
खेती करते हैं अनाज उगाते पेट भरते जनता का
आज वो महंगाई मे मेहनतकश किसान बिक गे
बनते हैं आसियाना रिहास जो जनता की
खुद की लगाके बोली वो मकान बिक गे
कहते हैं बिकती है हर चीज यहां रामू
बस कीमत सही हो, यहां खुद इंसान बिक गे
रातो में होते थे लुट के सौदे या चोरी के काम
आज तो दिन ढोले म, सरे आम बिक गे
जमीर बिकता देखें बिकते देखें अमीर लोग चाला तो तब पाटया जब गरीब का नारा लगाकै लोग खरीदे वोट
साहूकार बिक गे बोलिदार बिक गे
Truth of Today
Koe ise apane upr n le, na hi vote se jode, bus kavi mn se nikli kuch kadvi panktiya hain
Ajab ho gya gajab ho gya
boli jo lagate the Aaj vo bolidar bik ge
Kharid te the jo khep ki khep
Aaj vo kahalane wale sahukar bik ge
Theke liya krte the bde bde
Aaj vo deke tasali bne thekedar bik ge
Mr gya matke k Pani bin pyas se
Ghade banane wale kumbhkar bik ge
Ramu Kavi Kisan tu juda rah gya jamin se
Jb yaha bde bde mashur kalakar bik ge
Dihadi kr pet paalte mahine bhr k ration k liye
Aaj us pasina bahate majdur k iman bik ge
Kheti krte anaj ugate pet bhrte janta ka
Aaj vo mahangai m mehanatksh Kisan bik ge
Bnte the aasiyana rihayas jo janta ki
Khud ki lagake boli vo mkan bik ge
Kahte the bikti h hr chij yaha
Bus kimat sahi ho, yaha to khud insan bik ge
Rato m hote the lut k sode or chori k kaam
Aaj to din dhole m, sare aam bik ge
Sahukar bik ge bolidar bik ge

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